आसमान से ऊँचे
आसमान से ऊँचे हरदम, और सागर से गहरे रिश्ते
मिट जाते दिल के अंधेरे होते हैं बड़े सुनहरे रिश्ते
खून के रिश्तों से बढ़कर, होते है दिल के गहरे रिश्ते
मेंहदी रिश्ते, पायल रिश्ते, और होते हैं गजरे रिश्ते
रिश्तों के निगहबान है रिश्ते,रिश्तों पे होते पहरे रिश्ते
गांव छोटे पर गहरे रिश्ते, शहर बड़ा और छोटे रिश्ते
मेरा बचपन
कोई खिलौना सा टूट गया है मेरा बचपन
टूटे खिलोने सा कहीं छुट गया है मेरा बचपन
कितना खुश था, कितना सुख था बचपन की उन बातों में
समय का जालिम चेहरा आकर लूट गया मेरा बचपन
हंसता खिलता सबसे मिलता, एक जिद्दी बच्चे जैसा
जाने किस की नज़र लगी और रूठ गया मेरा बचपन
गुल्ली डंडा, गोली कंचा, डोर पतंग सी उमंग लिए
रंग बिरंगे गुब्बारों सा था, क्यूँ फूट गया मेरा बचपन
- सुरेन्द्र कुमार'अभिन्न'
शिक्षा ..अंग्रेजी भाषा और साहित्य में M.A. व M.Phil.
पर्यटन प्रबंधन में स्नातकोत्तर (M.T.A.)
स्थान: अम्बाला
व्यवसाय: हरियाणा सरकार के आबकारी व कराधान विभाग में
आबकारी व कराधान अधिकारी .. एवं .. कर निर्धारण प्राधिकारी
के पद पर सेवारत
E-Mail: sure_234@hotmail.com