• कविगण अपनी रचना के साथ अपना डाक पता और संक्षिप्त परिचय भी जरूर से भेजने की कृपा करें।
  • आप हमें डाक से भी अपनी रचना भेज सकतें हैं। हमारा डाक पता निम्न है।

  • Kavi Manch C/o. Shambhu Choudhary, FD-453/2, SaltLake City, Kolkata-700106

    Email: ehindisahitya@gmail.com


Showing posts with label डॉ रविन्द्र कुमार. Show all posts
Showing posts with label डॉ रविन्द्र कुमार. Show all posts

बदले हुए से लोग - डॉ रविन्द्र कुमार

बदले हुए से लोग

कभी ये बदली सी धरती,

तो कभी बदला सा आसमान देखता हूं।
वफा से कभी जो रहती थी गुलजार,
उन गलियों को मैं आज सूनसान देखता हूं।
खुदा से तो क्या खुद से दूर,
हर एक इन्सान देखता हूं।
कल तक थे जो घर,
आज मैं वो पत्थर के मकान देखता हूं।
जीतें थे जिनके दिलों में दोस्ती के कारवां,
आज मैं उन्ही के दिलों मे क्यूं समसान देख्ता हूं।
नन्हें से कदमों से चलते थे, दौडते थे हम,
उन राहों पर मैं मिटे से कुछ निशान देखता हूं।
बदल जाते है क्यूं लोग बस जमाने की रददो बदल में,
अधूरे उन्हीं के फिर भी मैं अरमान देखता हूं।
रोकता हूं, मैं जितना छलक ही आते है अश्क,
सपनो को जब हालातों से परेशान देखता हूं।

- डॉ रविन्द्र कुमार
ग्राम-वेदखेडी, पोस्ट- झिंझाना,
जिला- प्रबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश)

महंगाई देवी - डॉ रविन्द्र कुमार

हे महंगाई देवी तेरी महिमा है न्यारी,
तू है जनता पे आफत भारी।
किसी ने कहा है तुझको डायन,
किसी ने बोला है तुझको महामारी।
तेरे कारण उठा है जनता का चांटा,
सकते मे है अंबानी, बिरला व टाटा।
तेरी वजह से बिके है बंगले,
तूने ही गरीब की चढ्ढी उतारी।
तेरे कारण हुये है अनशन,
हुआ है परेशान जन जन।
तेरी वजह से बढे है कर्ज,
छूट गये पीछे कई फर्ज।
हे देवी सून ले तू,
ये करुण विनती हमारी।
सबको मिले दो वक्त की रोटी,
ना मुरझाये किसी झोंपडी की फुलवारी।
हे मंहगाई देवी बस सून ले तू,
ये इतनी विनती हमारी।


ग्राम-वेदखेडी, पोस्ट- झिंझाना,
जिला- प्रबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश)